GST Composite Scheme in Hindi-जीएसटी कम्पोजिट स्कीम

GST Composite scheme update : gst काउंसिल की 28वीं मीटिंग में  जीएसटी परिषद् ने कुछ संशोधन करते हुए कम्पोजीशन स्कीम की लिमिट 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दिया गया है | कम्पोजीशन स्कीम के तहत रजिस्टर्ड करदाता भी अब अपने ग्राहकों को सेवायें प्रदान कर सकते है, लेकिन प्रदान की जाने वाली सेवाओं की सीमा पिछले बर्ष के कुल कारोबार के 10% के बराबर या 5 लाख रुपये जो भी अधिक हो |

GST COMPOSITION IN HINDI

Composition scheme update

जीएसटी (GST) परिषद ने अपने 22वीं मीटिंग में कम्पोजीशन स्कीम के टर्नओवर की सीमा को 75 लाख से बढ़ा कर 1 करोड़ रूपये कर दिया गया हैं। और कम्पोजीशन डीलर्स को त्रैमासिक रिटर्न फाइल करनी होगी और टैक्स का भुगतान भी तिमाही करना होगा |

कम्पोजीशन स्कीम को तीन भागो में  बाँटा गया है.

  1. व्यापार(trading) – ट्रेडर्स को टर्नओवर का 1% टैक्स का भुगतान करना होगा
  2. मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing ) मैन्युफैक्चरर्स को 2% टैक्स का भुगतान करना होगा
  3. रेस्तरां (Restaurant) –  रेस्तरां क्षेत्र में 5%  टैक्स का भुगतान करना होगा

कम्पोजिट स्कीम(GST composition scheme) का लाभ कौन से ब्यापारी ले सकते हैं

(GST composite scheme for small businesses)

GST composition scheme क्या है ? इस स्कीम के तहत केवल वे व्यापारी पंजिकृत(registration) कर सकते है जिनका वार्षिक कारोबार 75 लाख रुपये से कम है | कम्पोजिट स्कीम(composite scheme) केवल अंतर-राज्य सामानों के सप्लायर के लिए उपलब्ध है। अगर कोई व्यापारी अंतरराज्यीय ब्यापार में शामिल है, तो वह इस योजना के लिए विकल्प नहीं चुन सकता।

जीएसटी परिषद ने 11 जून, 2017 को आयोजित अपनी बैठक में, कम्पोजीशन स्कीम  के टर्नओवर सीमा में वृद्धि की सिफारिश की है, जिसमें 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख कर दिया है। 

कम्पोजिट स्कीम(GST composite scheme information in hindi) के अंतर्गत पंजीकृत(registration)  एक पंजीकृत मैन्युफैक्चरर्स को 2%  और ट्रेडर करदाताओ को 1%, रेस्तरां क्षेत्र में जो  पहले  2.5% था अब वह बड़ा कर 5 % कर दिया गया है  और टर्नओवर के अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लिए 0.5% की दर से कर का भुगतान करना होगा। कम्पोजीट डीलरस को अपने सप्लायर को किये गए जीएसटी(GST) भुगतान के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नही मिलेगा | कम्पोजिट डीलर को खरीदार से कर एकत्र करने की अनुमति नहीं है।

चूंकि एक कम्पोजीट डीलर को इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने के अधिकार प्राप्त नहीं है,

कम्पोजीट डीलर टैक्स चालान भी जारी नहीं कर सकता है। कम्पोजिट व्यापारी से सामान खरीदने वाले ब्यापारी भी उस पर इनपुट कर टैक्स का लाभ नही ले सकते’

वर्तमान शासन के तहत कम्पोजिट योजना (gst composite scheme) के अंतर्गत पंजीकृत करदाताओं को स्टॉक में होने वाले सामान पर इनपुट टैक्स क्रेडिट या अर्ध-तैयार वस्तुओं या तैयार माल में उस तिथि से तुरंत क्रेडिट की अनुमति दी जाएगी, जहां से वे नियमित कर दाता के रूप में कर लगाने का विकल्प चुनते हैं। ।

इस योजना के तहत पंजीकृत  व्यापारियो को विस्तृत रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता नहीं है। उनको सिर्फ कर डीपोजीट करना होगा,

कम्पोजिट योजना(gst composite scheme) नियमित करदाता के लिए भी एक विकल्प है यदि कोई कर दाता योजना के लिए अपने विकल्प के बारे में सरकार को सूचित करना आवश्यक है। ऐसी जानकारी के बिना, नियमित कर डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होगा इस विकल्प को कर योग्य व्यक्ति के सभी व्यवसायों के लिए चुनना होगा (दोनों सामान और सेवाएं प्रदान करना।)

gst composite scheme के तहत पंजिकृत व्यापारी द्वारा दायर करने वाले कर रिटर्न फॉर्म के रूप में सरकार द्वारा जीएसटीआर -4(GSTR-4) का निर्धारण किया गया है।

कम्पोजिट डीलरों को उस तारीख से शुरू होने वाली अवधि के लिए पहली रिटर्न प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है, जिस पर वे पंजीकरण की गई तिमाही के समाप्ति तक एक पंजीकृत कर योग्य इकाई बन जाते हैं।

GST से संबंधित निम्नलिखित लेख भी पढ़ें  :

गुड्स एंड सर्विस टैक्स-178 वस्तुओं पर 28% के बजाय अब 18%

GST के अंतर्गत ई-वे बिल क्या है

छोटे व्यपारियों पर जीएसटी का प्रभाव

कृषि क्षेत्र पर जीएसटी प्रभाव

 

Comments

  1. By Vishal

    Reply

  2. By soham

    Reply

    • By admin

      Reply

  3. By Shrawan agrawal

    Reply

    • By admin

      Reply

    • By admin

      Reply

    • By piyush bhardwaj

      Reply

  4. By vikas

    Reply

    • By arjun

      Reply

  5. By Dilip kumar

    Reply

  6. By Ram Prakash Verma

    Reply

    • By admin

      Reply

  7. By Bharat bhushan

    Reply

    • By admin

      Reply

  8. Reply

    • By Pooran singh

      Reply

    • By Anand

      Reply

  9. By Anil

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  10. By Anil

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  11. By barinder

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  12. By Arvind

    Reply

    • By admin

      Reply

  13. By bhavesh

    Reply

    • By admin

      Reply

      • Reply

        • By Pooran singh

          Reply

  14. By Vipin Kumar sahu

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  15. By Anil Kumar Boruah

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  16. By patel rasik

    Reply

  17. By Hemanshu

    Reply

  18. By nitin kumar

    Reply

  19. Reply

  20. By Rakesh

    Reply

  21. By SK. ABDUL RAHMAN

    Reply

  22. By SK. ABDUL RAHMAN

    Reply

  23. By Raj kumar

    Reply

  24. By Shimbhu Dayal kumhar

    Reply

  25. By Shimbhu Dayal kumhar

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  26. By Mohan Kumar mohan

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  27. By Mohan Kumar mohan

    Reply

  28. By Rk

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  29. By VIMAL KUMAR

    Reply

    • By Pooran singh

      Reply

  30. By Lavnish bansal

    Reply

  31. By Rahul varshney

    Reply

  32. By पुखराज सोनी

    Reply

  33. By Sushil Jaiswal Sushil Jaiswal

    Reply

  34. By VIJAY Kumar Manocha

    Reply

  35. By Om

    Reply

  36. By Ajay soni

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!